मेरे होंठो की हँसी तो देखी तुमने पर
यारों तुमने मेरे ग़म का समुन्दर नहीं देखा ।
रातों को तुमने दिये जलते हुए तो देखा तुमने
पर यारों मेरे दिल को जलते हुए नहीं देखा ।।
यारों तुमने मेरे ग़म का समुन्दर नहीं देखा ।
रातों को तुमने दिये जलते हुए तो देखा तुमने
पर यारों मेरे दिल को जलते हुए नहीं देखा ।।